Father's day heart touching short story
विशाल देर रात आफिस से काम करने के बाद थका-हारा घर पहुंचा . दरवाजा खोलते ही उसने देखा कि उसका 6 साल की बेटी नैना उसका इंतज़ार कर रही है . अन्दर घुसते ही बेटी ने पूछा —“ पापा , क्या मैं आपसे कुछ पूछ सकती हूँ ?” “ हाँ -हाँ पूछो , क्या पूछना है ?” विशाल ने कहा . नैना- “ पापा , आप एक दिन का कितना कमा लेते हो ?” “ इससे तुम्हारा क्या लेना देना …तुम ऐसे बेकार के सवाल क्यों कर रही हो ?” पिता ने झुंझलाते हुए उत्तर दिया . नैना - “ मैं बस यूँ ही जानना चाहताी हूँ . प्लीज बताइए न पापा कि आप एक दिन का कितना कमाते हैं ?” पिता ने गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए कहा , नहीं बताऊंगा , तुम अपने कमरे में जाओ “यह सुन नैना दुखी हो गयी …और वह अपने कमरे में चलीं गयी . विशाल ने अपनी पत्नी (शोभा) से खाना लगाने को कहा और खुद हाथ मूहँ धोने चला गया,

कुछ देर बाद विशाल हाथ मूहँ धो कर बाथरूम से बाहर आया और खाना खाने लगा विशाल अभी भी गुस्से में था और सोच रहा था कि आखिर उसकी बेटी ने ऐसा सवाल क्यों पूछा …… खाना खाने के बाद वह उठा और अपनी बेटी के कमरे में गया और बोला , “ क्या तुम सो रही हो ?”, “नहीं पापा ” जवाब आया . “ मैं सोच रहा था कि शायद मैंने बेकार में ही तुम्हे डांट दिया। दरअसल दिन भर के काम से मैं बहुत थक गया था .” विशाल ने कहा. सारी बेटा “.......मै एक दिन का 300 रूपया कमा लेता हूँ....... थैंक यूं पापा ” नैना ने ख़ुशी से बोला और तेजी से उठ कर अपनी आलमारी की तरफ गयी , वहां से उसने अपने गोल्लक तोड़ीं और सिक्के निकाले और धीरे -धीरे उन्हें गिनने लगी . “ पापा मेरे पास सिर्फ 200 रूपये हैं .विशाल ने नैना कि तरफ कुछ सोचते हुऐ देखा .नैना ने वो पैसे अपने पापा की जेब में डाल दिया और कहा पापा प्लीज आप ये पैसे ले लोजिये और कल मेरे स्कूल आ जाना . विशाल ने कहा कयुँ"..... नैना ने कहा "पापा कल फादर्स डे है मैडम जी ने कहा है कि सब बच्चे अपने पिता के साथ स्कूल आऐगे".आप कभी भी मुझे स्कूल छोडने नहीं आऐ हो. विशाल की आखों में पानी आ गया,


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